Uttarakhand News:श्रद्धालुओं के लिए पूरी जानकारी,ऐसे करें तैयारी
भगवान शिव के भक्तों के लिए साल 2026 बेहद खास रहने वाला है। Adi Kailash Yatra और Kailash Mansarovar Yatra को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है। उत्तराखंड से लेकर देशभर के लोग इन दोनों यात्राओं का इंतजार कर रहे हैं। अगर आप भी यात्रा की योजना बना रहे हैं तो यहां जानिए पूरी डिटेल।

आदि कैलाश यात्रा 2026 कब से शुरू होगी?
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित पवित्र आदि कैलाश यात्रा हर साल गर्मियों में शुरू होती है। इस बार यात्रा मई 2026 से शुरू होने की संभावना है। कपाट खुलने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी। 28 अप्रैल से परमिट भी शुरू हो गए हैं.
आदि कैलाश कहां है?
आदि कैलाश उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में भारत-चीन सीमा के पास स्थित है। इसे भगवान शिव का दिव्य धाम माना जाता है। यहां पास में प्रसिद्ध ॐ पर्वत भी स्थित है।
यात्रा रूट
हल्द्वानी / टनकपुर / काठगोदाम से यात्रा शुरू होकर यह रूट रहता है:
हल्द्वानी→पिथौरागढ़ →धारचूला →गुंजी →नाबी →कुटी →जोलिंगकोंग →आदि कैलाश
जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड ,वोटर आईडी ,मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट,पासपोर्ट साइज फोटो इनर लाइन परमिट (ILP)
यात्रा में कितने दिन लगते हैं?
धारचूला से: 4 से 5 दिन हल्द्वानी से पैकेज: 7 से 8 दिन
खर्च कितना आएगा?
यात्रा पैकेज के अनुसार 25 हजार से 60 हजार रुपये तक खर्च आ सकता है।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 पूरी जानकारी
कैलाश मानसरोवर यात्रा दुनिया की सबसे पवित्र और कठिन धार्मिक यात्राओं में मानी जाती है। यह यात्रा तिब्बत (चीन) में स्थित Mount Kailash और Lake Manasarovar तक होती है।
यात्रा कब शुरू होगी?
कैलाश मानसरोवर यात्रा आमतौर पर जून से सितंबर के बीच होती है। 2026 में भी यात्रा इसी समय शुरू होने की उम्मीद है।
भारत से कैसे होगी यात्रा?
इस बार यात्रा भारत के दो प्रमुख रास्तों से होने की संभावना है

Uttarakhand News ;भारत से ही हो सकते हैं दर्शन
लिंपियाधूरा चोटी से भी दर्शन हो सकते हैं स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि पिथौरागढ़ के ही ज्योलिंगकांग से 25 किलोमीटर ऊपर लिंपियाधूरा चोटी से भी कैलाश पर्वत के दर्शन हो सकते हैं।लिंपियाधूरा चोटी के पास ओम पर्वत, आदि कैलाश और पार्वती सरोवर हैं। यहां से कैलाश पर्वत के दर्शन होने से इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन का स्कोप बढ़ेगा।भगवान शिव का घर माने जाने वाले कैलाश पर्वत के दर्शन अब भारत से ही हो सकेंगे। इसके लिए अब चीन के कब्जे वाले तिब्बत जाने की जरूरत नहीं होगी। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की 18 हजार फीट ऊंची लिपुलेख पहाड़ियों से कैलाश पर्वत साफ दिखाई देता है। यहां से पर्वत की हवाई दूरी 50 किलोमीटर है
- लिपुलेख पास रूट (उत्तराखंड)
दिल्ली→काठगोदाम →धारचूला → गुंजी →लिपुलेख पास-तिब्बत → मानसरोवर - नाथू ला रूट (सिक्किम)
दिल्ली→ गंगटोक→नाथूला →तिब्बत→कैलाश मानसरोवर
जरूरी दस्तावेज
वैध पासपोर्ट ,मेडिकल फिटनेस,आधार कार्ड ,फोटो ,विदेश मंत्रालय आवेदन स्वीकृति
आवेदन कैसे करें?
विदेश मंत्रालय (MEA) की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद चयन प्रक्रिया और मेडिकल टेस्ट होते हैं।
खर्च कितना आता है? रूट और सुविधा के हिसाब से 2 लाख से 4 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है



