Uttarakhand Congress:क्यों नहीं हुई जांच?
उत्तराखंड कांग्रेस में चुनावी टिकट और संगठन में बड़े पद दिलाने के नाम पर हुई ठगी को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने कोई आंतरिक जांच नहीं कराई है!जिससे संगठन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के भीतर कई अन्य दिग्गज और महिला नेता भी इस ठग गिरोह का शिकार हुए हैं, लेकिन सार्वजनिक बदनामी, टिकट खोने के डर और पैसों के स्रोत का हिसाब देने के डर से वे खुलकर सामने आने या पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से कतरा रहे हैं .
Uttarakhand Congress:पंजाब का था मुख्य आरोपी
आपको बता दें पंजाब के अमृतसर निवासी आरोपी गौरव कुमार उर्फ कनिष्क ने खुद को राहुल गांधी का पीए बताकर नेताओं को ठगा था। देहरादून पुलिस द्वारा “ऑपरेशन प्रहार” के तहत आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया था ।
Uttarakhand Congress: कई नेताओं से हुई थी ठगी
उसने ‘Truecaller’ पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर और राजनीतिक वेबसाइटों से नेताओं का डेटा चुराकर उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, हरियाणा और मध्य प्रदेश में ठगी का एक बड़ा अंतरराज्यीय जाल फैला रखा था। आरोपी ने देहरादून की वरिष्ठ कांग्रेस नेता भावना पांडे से संगठन में बड़ा पद दिलाने और नेतृत्व बदलने के नाम पर ₹25 लाख ठगे थे। इसके अलावा उसने जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस नेता यशपाल कुंडल से ₹56 लाख, जयपुर में दो नेताओं से ₹2.02 करोड़ और पटना में ₹3 लाख की भारी-भरकम धोखाधड़ी की बात कबूल की ।

Uttarakhand Congress: केन्द्रीय नेतृत्व ने साधी चुप्पी
इस चौंकाने वाले खुलासे और पुलिस कार्रवाई के बावजूद कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व ने इस पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी ने इस मामले की जांच के लिए अपने स्तर पर कोई स्वतंत्र कमेटी या आंतरिक जांच दल गठित नहीं किया है।


