देहरादून में साइबर ठगों ने एक बार फिर चालाकी से वारदात को अंजाम दिया। इस बार निशाना बना जौलीग्रांट एयरपोर्ट की फर्जी हेल्पलाइन के जरिए एक परिवार, जिसके बैंक खातों से कुल 1 लाख 63 हजार रुपये उड़ा लिए गए। मामले में शुक्रवार को बसंत विहार थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

गूगल सर्च बना ठगी का जाल:-
जीएमएस रोड स्थित वंसुधरा अपार्टमेंट निवासी अरविंद कृष्ण गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका सामान छूट गया था। परिवार ने सामान वापस पाने के लिए गूगल पर एयरपोर्ट की हेल्पलाइन खोजी। सर्च में मिला नंबर दरअसल ठगों द्वारा डाला गया फर्जी संपर्क था। कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने भरोसा दिलाया कि महज पांच रुपये का ऑनलाइन भुगतान करने पर सामान घर तक पहुंचा दिया जाएगा।
पांच रुपये की आड़ में बड़ा खेल:-
झांसे में आकर पीड़ित की पत्नी ने यूपीआई के जरिए पांच रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद ठग ने कहा कि भुगतान प्राप्त नहीं हुआ और दोबारा पांच रुपये भेजने को कहा। इस बार पति के मोबाइल से भी पांच रुपये भेज दिए गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके तुरंत बाद दोनों मोबाइल फोन हैक हो गए। बैंकिंग एप्लिकेशन गायब हो गए और कुछ ही मिनटों में तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1,63,000 रुपये निकाल लिए गए।
साइबर पोर्टल पर तत्काल शिकायत:-
पीड़ित परिवार ने घटना के तुरंत बाद सुबह 10:45 बजे नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी अशोक राठौर ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और साइबर टीम को भी अलर्ट किया गया है।
सावधान! ऐसे बचें फर्जी हेल्पलाइन से:-
यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि,
गूगल सर्च में दिखने वाला हर नंबर आधिकारिक नहीं होता।
किसी भी सरकारी संस्था का नंबर केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।
मामूली रकम भेजने के नाम पर आने वाले लिंक या क्यूआर कोड से सावधान रहें।
अनजान कॉलर के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठग अब छोटी रकम के बहाने मोबाइल तक पहुंच बनाते हैं और फिर पूरा बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं।


