राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर में विश्वमांगल्य सभा के तत्वावधान में आयोजित ‘मातृ संस्कार समागम’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृशक्ति को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए उनका अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “मजबूत परिवार ही मजबूत राष्ट्र की नींव है।” उन्होंने अपने बचपन और निजी जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि संघर्ष, अनुशासन और संस्कारों ने ही उनके व्यक्तित्व को गढ़ा। उन्होंने कहा कि ऊँचा पद नहीं, बल्कि सशक्त चरित्र और स्पष्ट उद्देश्य व्यक्ति को महान बनाते हैं।

परिवार ही पहला विद्यालय
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति में माता के सर्वोच्च स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है। यदि परिवार सशक्त होगा तो समाज और राष्ट्र भी सशक्त होंगे। उन्होंने प्रभु श्रीराम–माता कौशल्या, भगवान श्रीकृष्ण–माता यशोदा और छत्रपति शिवाजी–माता जीजाबाई के उदाहरण देते हुए मातृसंस्कारों की महत्ता बताई।

उन्होंने आधुनिकता और परंपरा के संतुलन पर बल देते हुए ‘कुटुंब प्रबोधन’ को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि परिवार केवल सामाजिक ढांचा नहीं, बल्कि संस्कारों का प्रथम विद्यालय है।
सेवा और समर्पण का संदेश
कार्यक्रम में श्रीमती गीता धामी ने कहा कि सेवा-समर्पण की भावना ही समाज को मजबूत बनाती है। उन्होंने परिवार को पहली पाठशाला बताते हुए बच्चों में संवेदना, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व के संस्कार विकसित करने पर जोर दिया।

सप्त मातृ शक्ति सम्मान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सप्त मातृ शक्ति सम्मान’ के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सात महिलाओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से आई मातृशक्ति उपस्थित रही। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



