उधमसिंह नगर की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडेय ने एसएसपी मणिकांत मिश्रा के तबादले के बाद तंज कसते हुए बड़ा बयान दिया है।
पांडेय ने कहा कि “जिले से एक मणिकांत गए हैं, लेकिन चार और मणिकांत आ गए हैं।” उन्होंने बताया कि एक अधिकारी चंपावत से, एक हरिद्वार से, एक अल्मोड़ा से आए हैं और एक पहले से जिले में तैनात हैं। अब चारों मिलकर जिले का काम संभालेंगे, क्योंकि ऊधमसिंह नगर में काम बहुत है।

ट्रांसफर को लेकर दी सफाई :-
करीब 2 मिनट 55 सेकंड का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पांडेय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी किसी के ट्रांसफर के लिए प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा, “जनता के सुख-दुख और व्यवस्था की दिक्कतों के लिए प्रयास करता हूं, लेकिन किसी के तबादले के लिए नहीं।”
रजिस्ट्री प्रतिबंध पर उठाए सवाल :-
विधायक पांडेय ने डीएम द्वारा कुछ जमीनों की रजिस्ट्री पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बाद में कुछ स्थानों से प्रतिबंध हटाया गया, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उद्देश्य पूरा हो गया।
उन्होंने दावा किया कि “चर्चा है कि पैसा चल रहा है, इससे सरकार बदनाम होती है।” पांडेय ने कहा कि रजिस्ट्री खुलनी चाहिए, क्योंकि कारोबार ठप होने से लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है और ऐसी नौबत नहीं आनी चाहिए कि कोई आत्मघाती कदम उठाए।
अधिकारियों को दी चेतावनी :-
विधायक ने कहा कि,जो अधिकारी मनमानी करेगा, उसे ठीक करना आता है। “हम अधिकारियों को बेलगाम नहीं होने देंगे। जिले में किसी भी व्यक्ति को आत्महत्या नहीं करने देंगे। यह मेरी जिम्मेदारी है,”
फिलहाल, उनके इस बयान के बाद जिले की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।


