अल्मोड़ा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शाम ढलते ही तेंदुआ आबादी क्षेत्र में नजर आने लगा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
नगर के नंदादेवी क्षेत्र, ढूंगाधारा और खत्याड़ी इलाके में तेंदुआ कई बार रात के समय आबादी के बीच देखा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्यूटी के बाद देर रात घर लौटने वालों को जान का खतरा बना रहता है।

ढूंगाधारा निवासी करन सिंह के अनुसार, तेंदुए के मोहल्ले में आने से लोग भयभीत हैं और शाम के बाद घरों से निकलने में डर लग रहा है। जिले के कनोली, चौकुना, सैनोली, दाड़िमी, नौगांव, बरम और बाराकोट क्षेत्रों में भी तेंदुए की दहशत बनी हुई है। पशुपालक सीएस बिष्ट ने बताया कि तेंदुआ अब तक 15 से अधिक मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है।
गुलदार के भय से महिलाएं अकेले जंगल में घास और जलौनी लकड़ी लेने नहीं जा पा रही हैं। कई बच्चे रोज जंगल के रास्ते स्कूल जाते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
इस मामले में प्रभागीय वनाधिकारी, अल्मोड़ा वन प्रभाग दीपक सिंह ने कहा कि तेंदुए से नुकसान की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा जाएगा। फिलहाल विभाग को किसी ताजा घटना की सूचना नहीं मिली है। वन विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।


