उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने पुरोला से दो बार के पूर्व विधायक रहे मालचंद को अपना प्रतिनिधि क्या बनाया, मानो भाजपा के भीतर ही सवालों की खेती शुरू हो गई। कृषि मंत्री के एक फैसले ने भाजपा के भीतर ही सियासी भूचाल ला दिया। मंत्री गणेश जोशी ने पुरोला से दो बार के पूर्व विधायक मालचंद को अपना प्रतिनिधि क्या बनाया। यही फैसला मौजूदा भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल को जरा भी रास नहीं आया।

दरअसल, पुरोला से बीजेपी विधायक दुर्गेश्वर लाल के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में सियासी उबाल आ गया है। विधायक दुर्गेश्वर लाल ने 2 बार के पूर्व विधायक मालचंद को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का प्रतिनिधि बनाने पर सवाल उठाया है साथ ही कहा है कि, ये विधायक को ‘चपरासी’ बनाने जैसा है।


आपको बता दें कि, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने 2 बार के पूर्व विधायक मालचंद को अपना प्रतिनिधि बनाया है । जिसके बाद अब इस पर सवाल उठ रहे हैं। न सिर्फ बीजेपी विधायक दुर्गेश्वर लाल बल्कि कांग्रेस ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कहा है कि, बीजेपी में टिकट को लेकर एक अनार सौ बीमार वाली हालत है, इसलिये ऐसा हो रहा है।

एक तरफ़ तो मंत्री जी का फैसला, तो वहीं दूसरी तरफ़ विधायक जी की नाराज़गी… आखिर क्यों मंत्री जी ने पूर्व विधायक को अपना प्रतिनिधि बनाया है? इस फैसले का जवाब अब खुद मंत्री गणेश जोशी को देना होगा । आख़िर यह फैसला क्यों और किस सोच के तहत लिया गया है? क्या अब संगठन में अनुभव की आड़ में मौजूदा विधायकों की अनदेखी हो रही है? या फिर यह फैसला पार्टी के भीतर चल रही खींचतान की एक नई तस्वीर बंया कर रही है?


