उत्तराखंड के कोटद्वार के ‘मोहम्मद दीपक’ और ‘अंकिता भंडारी’ हत्याकांड का मामला शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा है। लोकसभा हो चाहे राज्यसभा हो दोनों ही सदनों में ये मुद्दे जोर शोर से विपक्ष उठा रहा है। शुक्रवार को भी महाराष्ट्र कांग्रेस से राज्य सभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने बड़े शायराना अंदाज में BJP सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया।

सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने शायराना अंदाज में कहा कि, ‘बात दलीलों से रद्द होती है, उनके होठों की खामोशी भी सनद होती है। कुछ नहीं कहने से भी छिन जाता है, एजाजे सुखन, जुल्म सहने से भी जालिम की मदद होती है।’
सांसद इमरान ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का जिक्र करते हुए कहा, ‘एक तरफ महामहिम के भाषण पर प्रधानमंत्री संसद की मेज थपथपा रहे थे। और दूसरी तरफ उत्तराखंड की अभागी बिटिया अंकिता भंडारी के इंसाफ की आवाजें मध्यम पड़ रही थी, जो आज भी ये पूछ रही है कि आखिर वीआईपी कौन था? जिसके लिए अंकिता को मार दिया गया।

साथ ही कोटद्वार ‘मोहम्मद दीपक’ का मामला उठाते हुए सांसद इमरान ने कहा, ‘इधर सामाजिक न्याय की बात हो रही थी. उधर, उत्तराखंड के कोटद्वार में नफरती लोगों के खिलाफ एक बुजुर्ग को बचाने के लिए सामने आया दीपक जो मोहब्बत की रोशनी लेकर तटस्थ खड़ा रहा। उसी दीपक के खिलाफ कोटद्वार की पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। और ये सब उस दिन हो रहा था, जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कोटद्वार में मौजूद थे।
इमरान प्रतापगढ़ी ने नए भारत को लेकर तंज कसते हुए कहा कि ‘यह नया भारत है, जहां पर दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होता, बल्कि अमन चैन की बात करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है।‘


