उतराखंड के पहाड़ी इलाकों में वैसे ही खेती लगातार कम हो रही है, अब किसानों ने ऐलान कर दिया है कि वो खेती ही नहीं करेंगे और हमेशा हमेशा के लिए खेती को छोड़ देंगे। पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट में ये बड़ा ऐलान किया है, जिसके बाद खलबली मच गई है।

असल में गंगोलीहाट और आसपास के इलाकों में लोग जंगली जानवरों से इस कदर परेशान हो गए हैं कि उनके लिए अब जीवन बचाना और खेती बचाना असंभव साबित हो रहा है। किसानों का कहना है कि दिन में बंदर औऱ लंगूर खेती-बागवानी को तबाह कर रहे हैं, तो बची खुची कसर रात में सुअर पूरी कर रहे हैं। पूरी रात सुअरों का खेतों में तांडव रहता है, और लोग सुअरों के डर से खेतों की रखवाली तक नहीं कर पा रहे हैं।

अब ग्रामीणों ने सुअरों को मारने का आदेश देने की मांग की है, साथ ही बंदरों और लंगूरों से भी निजात दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि अगर उनकी खेती बचनी ही नहीं है, तो फिर वो खेती करेंगे ही क्यों, और खुद ही अपने बगीचों को भी उजाड़ देंगे।


