प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत देशभर में लगभग 1 करोड़ 15 लाख से अधिक किशोरियों को मुफ्त एचपीवी वैक्सीन दी जाएगी। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की।

हल्द्वानी में टीकाकरण कक्ष का निरीक्षण :-
मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज में स्थापित एचपीवी टीकाकरण कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं से बातचीत की और टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृशक्ति की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सर्वाइकल कैंसर की गंभीरता:-
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में सर्वाइकल कैंसर के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वर्ष 2024 में 78 हजार से अधिक नए मामले दर्ज किए गए, जबकि 42 हजार से अधिक महिलाओं की मृत्यु इस बीमारी के कारण हुई। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है, ताकि किशोरियों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुरक्षा प्रदान की जा सके।

उत्तराखंड में 155 केंद्रों पर व्यवस्था:-
राज्य में इस अभियान के प्रथम चरण में 155 केंद्रों पर टीकाकरण की व्यवस्था की गई है।
डॉक्टर, नर्स, एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है।
कोल्ड-चेन सिस्टम को मजबूत किया गया है।
स्कूल और समुदाय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

स्वास्थ्य ढांचे पर सरकार का फोकस:-
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि।
नए एम्स की स्थापना।
आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार।
उत्तराखंड में अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। राज्य में पांच मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और दो का निर्माण कार्य जारी है।

अभिभावकों से अपील:-
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और अपनी बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि यह टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। यह अभियान देशभर में किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक व्यापक कदम के रूप में देखा जा रहा है।


