उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण विधानसभा में 9 से 13 मार्च तक प्रस्तावित बजट सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अनंतिम कार्यक्रम के अनुसार सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, लेकिन उसी दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट और विनियोग विधेयक भी पेश किया जा सकता है।

यही बात अब सियासी चर्चा का केंद्र बन गया है। आम तौर पर परंपरा यह रही है कि राज्यपाल के अभिभाषण पर विस्तृत चर्चा के बाद ही बजट प्रक्रिया आगे बढ़ती है। ऐसे में पहले दिन ही बजट पेश करने की संभावित तैयारी को विपक्ष संसदीय परंपराओं से अलग कदम के रूप में देख रहा है।
अनंतिम कार्यक्रम के मुताबिक 10 मार्च को अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और अध्यादेशों को सदन पटल पर रखा जाएगा। 11 मार्च को अभिभाषण पारित किया जाएगा और बजट पर सामान्य चर्चा होगी। 12 मार्च को विभागवार आय-व्यय पर विस्तार से चर्चा प्रस्तावित है, जबकि 13 मार्च को विधेयकों को पारित किया जाएगा।
गैरसैंण में होने वाला यह पांच दिवसीय सत्र केवल बजट पारित करने की प्रक्रिया भर नहीं रहेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि सरकार और विपक्ष के बीच सदन में टकराव का स्तर कितना तीखा रहने वाला है।
देवभूमि की ग्रीष्मकालीन राजधानी में होने वाला यह सत्र अब विकास और वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ संसदीय परंपराओं की कसौटी भी बन सकता है।


