प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को टनकपुर में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक मां पूर्णागिरि मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने मेले को सालभर संचालित करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पूर्णागिरि धाम को स्थायी एवं भव्य संरचनाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

विकास कार्यों की बड़ी घोषणाएं:-
मुख्यमंत्री ने मेले के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की, जिनमें सेलागाड़ से कोटकेंद्री तक संपर्क मार्ग निर्माण, कालीगूठ व विभिन्न मेला स्थलों का सौंदर्यीकरण, तामली से रूपालीगढ़ होते हुए सीम तक मोटर मार्ग निर्माण, भव्य प्रवेश द्वार निर्माण, आंतरिक क्षेत्र का विकास एवं विश्राम रोड व पुलिया निर्माण उन्होंने जिला प्रशासन को सभी घोषणाओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

पर्यटन सर्किट और रोपवे पर जोर :-
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि धाम को आसपास के धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। साथ ही रोपवे निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मिल रहा बल:-
टनकपुर बस स्टेशन को 240 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से इंटरस्टेट बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत मंदिरों का सौंदर्यीकरण व मार्ग चौड़ीकरण। क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने की पहल।
शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य में निवेश :-
मुख्यमंत्री ने बताया किलोहाघाट में 237 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माणाधीन है। 16 करोड़ रुपये से पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन तैयार। जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक। 28 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान भवन पूर्ण। श्यामलाताल झील विकास के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत।
श्रद्धा, पर्यटन और रोजगार का संगम :-
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि मेला केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी गति देने का माध्यम है। लक्ष्य है कि चम्पावत को धार्मिक, साहसिक और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान मिले।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसद अजय टम्टा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।


