ऊधम सिंह नगर के किच्छा ब्लॉक के ग्राम दरऊ में पंचायत फंड की निकासी को लेकर सियासत तेज हो गई है। आरोप है कि ग्राम प्रधान के जेल में होने के बावजूद उनके डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) का इस्तेमाल कर सरकारी खाते से 10 लाख 39 हजार रुपये निकाल लिए गए।

विधायक ने लगाए गंभीर आरोप:-
तिलक राज बेहड़ ने रुद्रपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि जुलाई 2025 के पंचायत चुनाव में ग्राम दरऊ से नाज़िया बी प्रधान चुनी गई थीं। 13 दिसंबर को गिरफ्तारी के बाद से वे पौड़ी जेल में निरुद्ध हैं।
विधायक का आरोप है कि जेल में रहने के बावजूद उनकी डीएससी को फ्रीज नहीं किया गया। इसी दौरान एक पत्र के जरिए उनके पति अब्दुल गफ्फार को प्रतिनिधि बनाए जाने का हवाला दिया गया और विकासखंड स्तर पर कथित मिलीभगत से सरकारी धन की निकासी की गई।

नियमों पर उठे सवाल:-
बेहड़ ने कहा कि जब कोई निर्वाचित प्रतिनिधि न्यायिक हिरासत में हो, तो उसकी डिजिटल स्वीकृति प्रणाली को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय किया जाना चाहिए। ऐसा न करना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन का पक्ष:-
मुख्य विकास अधिकारी देवेश शासनी ने कहा कि मामले की प्रारंभिक जानकारी मिलने पर पंचायती राज विभाग को जांच सौंपी गई है। साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है। प्रशासनिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि फंड निकासी प्रक्रिया में अनियमितता हुई या नहीं।


