हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। क्षेत्र में एहतियातन एक कंपनी पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि पुलिस बल को संवेदनशील स्थानों पर मुस्तैद रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
हर गतिविधि पर कड़ी नजर:-
बनभूलपुरा और आसपास के इलाकों में पुलिस ने अपनी गश्त बढ़ा दी है। प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। साइबर टीम फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों की निगरानी कर रही है। पुलिस ने साफ किया है कि अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
खुफिया तंत्र सक्रिय:-
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। क्षेत्र की हर गतिविधि की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय के जिम्मेदार लोगों के साथ संवाद बढ़ाया है, ताकि शांति और सौहार्द बना रहे।
डीएम ने दिए सख्त निर्देश:-
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कैंप कार्यालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध और शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदेश की प्रति मिलते ही सभी विभाग समन्वय के साथ तय समय सीमा में जिम्मेदारियां पूरी करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
19 से 31 मार्च के बीच सर्वे:-
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 19 से 31 मार्च के बीच विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इस सर्वे में प्रभावित परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाएगा और प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता तय की जाएगी। सर्वे रिपोर्ट 31 मार्च के बाद न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


