Monday, March 16, 2026
Google search engine
Homeदेहरादूनचंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ, संस्कृति और विकास का संगम

चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ, संस्कृति और विकास का संगम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि चंपावत के हर घर में इन दिनों उत्साह और उमंग का वातावरण है। होली पर्व के निकट होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि काली कुमाऊँ की बैठकी होली, खड़ी होली और चौफुला जैसी परंपराएं पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत की भूमि इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की धरोहर रही है। यह महोत्सव केवल सात दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा, प्राकृतिक सौंदर्य, मातृशक्ति के सामर्थ्य और युवाओं के उत्साह का जीवंत उत्सव है। इस वर्ष इसे “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है, जिससे शीतकालीन पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

महोत्सव में पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, हॉट एयर बलून, रिवर राफ्टिंग, पैरामोटरिंग, ट्रेकिंग और पक्षी अवलोकन जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से चंपावत को राष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध वन्यजीव प्रेमी Jim Corbett का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कहानियों ने चंपावत-लोहाघाट क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि महोत्सव में मधुबनी चित्रकला एवं आधुनिक कला कार्यशालाएं, क्विज प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी, लोक संस्कृति कार्यक्रम और खाद्य उत्सव स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देंगे। यह आयोजन ‘Vocal for Local’ को सशक्त करते हुए ‘Local for Global’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए अनेक विकास कार्य जारी हैं। जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया जा रहा है।

माँ पूर्णागिरि मंदिर के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माणाधीन है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत देवीधूरा वाराही मंदिर का विकास किया जा रहा है। शारदा कॉरिडोर के तहत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट विकसित होगा, जिससे पूर्णागिरि धाम, चूका, श्यामलाताल और शारदा घाट को जोड़ा जाएगा।

इसके अतिरिक्त 177 करोड़ रुपये की लागत से भारत-नेपाल सीमा पर ड्राई पोर्ट, 57 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर, 55 करोड़ रुपये से स्पान आर्च पुल और 33 करोड़ रुपये से मार्ग सुधार कार्य प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “विकास भी और विरासत भी” के संकल्प के साथ सरकार चंपावत को आदर्श जिला और उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments