ऋषिकेश स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी के मामले में शासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शासन ने सब रजिस्ट्रार हरीश कुमार को निलंबित करते हुए मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।

औचक निरीक्षण में खुली गड़बड़ियां :-
आम जनता की लगातार शिकायतों के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ऋषिकेश और जिला शासकीय अधिवक्ता देहरादून भी मौजूद रहे।
संयुक्त जांच रिपोर्ट में कई गंभीर कमियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि—
करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी हुई।
फर्जी कार्मिक कार्यालय में कार्यरत पाए गए।
सब रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप से विलेख पंजीकरण किया जा रहा था।
संपत्ति मूल्यांकन की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही थी।
औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंडों की रजिस्ट्रियां की गईं।
आम नागरिकों के मूल अभिलेख वर्षों से लंबित पड़े मिले।
आम जनता को झेलनी पड़ी परेशानी :-
निरीक्षण के दौरान फरियादियों ने बताया कि मूल दस्तावेज लौटाने और रजिस्ट्री की नकल देने में अनावश्यक देरी की जा रही थी। कई मामलों में अर्जेंट नकल, जो 24 घंटे में जारी होनी चाहिए, महीनों और सालों से लंबित पाई गई। कार्यालय में अव्यवस्था और प्रक्रियागत लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई।
डीएम की संस्तुति पर शासन की कार्रवाई
जिलाधिकारी सविन बंसल ने निरीक्षण के आधार पर सब रजिस्ट्रार के निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए शासन ने सब रजिस्ट्रार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व हितों से खिलवाड़, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।


