Monday, March 16, 2026
Google search engine
Homeखेलऔली के विकल्प की तलाश: नीती घाटी के स्लोप पर टिकीं विंटर...

औली के विकल्प की तलाश: नीती घाटी के स्लोप पर टिकीं विंटर स्पोर्ट्स की उम्मीदें

उत्तराखंड के सीमांत इलाके नीती घाटी में भविष्य के विंटर स्पोर्ट्स हब की संभावनाओं को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। बीते वर्षों में औली में कम बर्फबारी के चलते स्कीइंग आयोजनों पर असर पड़ा है। ऐसे में विशेषज्ञों की एक टीम ने नीती क्षेत्र के प्राकृतिक ढलानों का सर्वे कर वैकल्पिक स्थल तलाशने की कोशिश की।

चार सदस्यीय दल का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय स्कीयर विवेक पंवार ने किया। टीम ने अपर मलारी और टिम्मरसैंण महादेव क्षेत्र का निरीक्षण किया और वहां के स्लोप को तकनीकी रूप से उपयुक्त बताया।

क्या कहती है विशेषज्ञ टीम?

अपर मलारी में लंबी और संतुलित ढलानें हैं, जो प्रोफेशनल स्कीइंग के लिए अनुकूल मानी गईं। टिम्मरसैंण क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से तैयार स्लोप राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए विकसित किए जा सकते हैं। क्षेत्र में रोपवे, स्की-लिफ्ट, प्रशिक्षण केंद्र और सुरक्षा तंत्र विकसित करने की जरूरत बताई गई है।

बर्फ की गुणवत्ता बनी ताकत:-

विशेषज्ञों के अनुसार, नीती घाटी में सर्दियों के दौरान तापमान काफी नीचे चला जाता है, जिससे बर्फ लंबे समय तक टिकती है। कम तापमान के कारण बर्फ की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है, जो स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग के लिए अहम मानी जाती है।

सीमांत विकास से जुड़ा आयाम:-

यह पहल केंद्र की वाइब्रेंट विलेज योजना से भी जुड़ी मानी जा रही है, जिसके तहत सीमावर्ती गांवों में पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बुनियादी ढांचा विकसित किया गया तो नीती घाटी को लद्दाख या स्पीति की तरह विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सकता है। अगर योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो भविष्य में नीती घाटी उत्तराखंड के खेल पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बना सकती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments