आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती को सबसे बड़ा हथियार बनाने का फैसला किया है। लगातार तीसरी जीत के लक्ष्य के साथ पार्टी ने पहली बार मंडल स्तर तक व्यापक प्रशिक्षण अभियान शुरू कर दिया है।

304 मंडलों में ‘प्रशिक्षण महाअभियान’:-
‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ के तहत प्रदेश के 304 मंडलों में कार्यकर्ताओं को सात प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इनमें बूथ प्रबंधन, कार्य पद्धति, संगठन विस्तार, वैचारिक आधार और चुनावी रणनीति जैसे विषय शामिल हैं। इस प्रशिक्षण की खास बात यह है कि मंडल स्तर पर एक रात्रि प्रवास अनिवार्य किया गया है, ताकि कार्यकर्ता एक साथ रहकर संगठनात्मक अनुशासन और टीम वर्क को मजबूत कर सकें।
जिला और प्रदेश स्तर पर और गहन तैयारी:-
जिला स्तर पर 10 से अधिक विषयों पर प्रशिक्षण होगा, जिसमें दो रात्रि प्रवास रखा गया है। प्रदेश स्तर पर इससे भी विस्तृत मॉड्यूल के साथ तीन रात्रि प्रवास शामिल होंगे। पार्टी का मानना है कि बूथ स्तर तक मजबूत पकड़ ही चुनावी जीत की कुंजी है। इसलिए हर कार्यकर्ता को प्रशिक्षण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
दूसरे दलों से आने वालों के लिए अलग क्लास:-
भाजपा ने अन्य दलों से शामिल हो रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भी अलग से प्रशिक्षण वर्ग चलाने की रणनीति बनाई है। इसका उद्देश्य उन्हें पार्टी की विचारधारा, कार्यशैली और संगठनात्मक संस्कृति से अवगत कराना है, ताकि वे चुनावी अभियान में प्रभावी योगदान दे सकें।
प्रदेश अध्यक्ष का दावा:-
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि इस बार प्रशिक्षण को जमीनी स्तर तक ले जाया गया है, जिससे हर कार्यकर्ता की पहुंच सीधे मतदाता तक हो। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने में यह अभियान निर्णायक साबित होगा। चुनावी तैयारियों के बीच साफ है कि भाजपा इस बार संगठनात्मक कसावट और बूथ प्रबंधन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने में जुटी है।


