देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में हुई विक्रम शर्मा की हत्या कोई अचानक भड़की वारदात नहीं थी, बल्कि महीनों तक बुनी गई एक साजिश का अंजाम थी। संयुक्त कार्रवाई में उत्तराखंड एसटीएफ और दून पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस की परतें खोल दी हैं।

‘इनसाइड एक्सेस’ से बनाई गई थी पूरी स्क्रिप्ट:-
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या की पटकथा तीन महीने पहले ही लिखी जा चुकी थी। साजिश में शामिल एक आरोपी ने उसी जिम में नौकरी शुरू कर दी थी, जहां विक्रम शर्मा रोजाना वर्कआउट के लिए जाता था। मकसद साफ था — रूटीन, टाइमिंग और सिक्योरिटी गैप को समझना। आरोपी पहले जमशेदपुर और नोएडा में वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन हर बार विक्रम के साथ लोगों की मौजूदगी ने प्लान फेल कर दिया।

“टारगेट जिम में है” — और फिर चली गोलियां
घटना वाले दिन जिम के भीतर से ही फोन गया। “टारगेट बाहर निकलने वाला है।” जैसे ही विक्रम शर्मा जिम से बाहर आया, घात लगाए हमलावरों ने उस पर फायरिंग कर दी। कुछ सेकंड में मॉल परिसर गोलियों की आवाज से गूंज उठा और हमलावर किराये की स्कूटी और बाइक से फरार हो गए, जो हरिद्वार से ली गई थी।
CCTV, सर्विलांस और झारखंड कनेक्शन
सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस ने केस की दिशा बदल दी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस झारखंड पहुंची और जमशेदपुर व नोएडा से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी। विक्रम शर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है, जिसने इस दुश्मनी को और गहरा किया।
फरार आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम
एसएसपी देहरादून ने फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस का दावा है कि बाकी आरोपी भी जल्द सलाखों के पीछे होंगे।


