राजधानी दून स्थित अर्बन कोऑपरेटिव बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने छह महीने के लिए कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। आरबीआई ने यह कार्रवाई जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा के मद्देनज़र की है। प्रतिबंध के बाद बैंक के करीब 9 हजार खाताधारकों के लगभग 90 करोड़ रुपये अटक गए हैं, जिससे ग्राहकों में भारी आक्रोश है।
बैंक परिसर में प्रदर्शन, पुलिस पहुंची :-
मंगलवार को बड़ी संख्या में खाताधारक बैंक पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन से जवाब मांगा। स्थिति तनावपूर्ण होती देख बैंककर्मी निचले तल पर एक कमरे में चले गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। खाताधारकों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर बैंक से स्पष्ट स्थिति बताने और धन वापसी की समयसीमा घोषित करने की मांग की है।

1973 में स्थापित, आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त:-
अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना 30 जुलाई 1973 को हुई थी। बैंक आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त और पंजीकृत है। लंबे समय से संचालित इस बैंक पर अचानक लगे प्रतिबंध ने जमाकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
ग्राहकों की चिंता: “पैसा कब मिलेगा?”
खाताधारकों का कहना है कि बैंक से रकम न निकल पाने के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है और देनदारों का दबाव बढ़ रहा है। कई ग्राहकों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी। वहीं ग्राहकों ने मांग की है कि बैंक प्रबंधन और आरबीआई जल्द स्थिति स्पष्ट करें और निकासी को लेकर ठोस रोडमैप जारी करें।
2020 में भी दिखा था ऐसा संकट:-
साल 2020 में Yes Bank पर आरबीआई की कार्रवाई के बाद भी ग्राहकों में इसी तरह की अफरा-तफरी देखी गई थी। उस दौरान निकासी पर सीमा तय की गई थी और बैंकिंग व्यवस्था को स्थिर करने के लिए पुनर्गठन योजना लागू की गई थी। फिलहाल बैंक पर छह महीने की रोक लागू है। आगे की कार्रवाई और निकासी से जुड़ी शर्तों पर ग्राहकों की नजर बनी हुई है।


