केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। हरिद्वार में आयोजित प्रदेश टोली की बैठक में वह आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन और सरकार की नब्ज टटोलेंगे।

धामी सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह कार्यक्रम बेहद अहम माना जा रहा है। शाह जन संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ-साथ राज्य सरकार के विकास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। माना जा रहा है कि इसी मंच से चुनावी बिगुल फूंका जा सकता है।
प्रदेश टोली की अहम बैठक:-
शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कोर कमेटी के सदस्य, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा,तीरथ सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, तीनों प्रदेश महामंत्री, सरकार के मंत्री और वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक में जीत की हैट्रिक के लक्ष्य को लेकर मंथन होगा। यह आकलन किया जाएगा कि पार्टी कहां मजबूत है और किन क्षेत्रों में संगठन को और धार देने की जरूरत है।
एंटी इनकंबेंसी को प्रो इनकंबेंसी में बदलने की रणनीति :-
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश में सरकार बदलाव की चर्चाओं पर विराम लगाने और राजनीतिक स्थायित्व का संदेश देने की तैयारी में है। यदि कहीं एंटी इनकंबेंसी का असर है तो उसे प्रो इनकंबेंसी में बदलने की रणनीति पर चर्चा होगी।
23 मार्च को पीएम मोदी का प्रस्तावित दौरा:-
सात मार्च के कार्यक्रम के बाद 23 मार्च को प्रधानमंत्री Narendra Modi का भी उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है। संगठन ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही भाजपा पूरी तरह चुनावी रण में उतरने का संकेत दे चुकी है। कुल मिलाकर, सात मार्च की बैठक उत्तराखंड की सियासत में बड़ा मोड़ साबित हो सकती है, जहां से चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।


