देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे पर एलिवेटेड रोड की दीवार पर लिखे गए आपत्तिजनक संदेशों ने अचानक माहौल को गरमा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ महिलाएं सड़क किनारे पेंट से एक धर्म विशेष को लेकर आपत्तिजनक शब्द लिखती दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तेजी से तूल पकड़ा और इसे सामाजिक सौहार्द से जोड़कर देखा जाने लगा।

यह पूरा क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, हालांकि भौगोलिक रूप से यह इलाका उत्तराखंड सीमा से सटा मोहंड क्षेत्र है। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, वीडियो की सत्यता, उसमें दिख रहे लोगों की पहचान और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
इस बीच हिन्दू रक्षा दल ने इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी ली है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने मीडिया के सामने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक हिंदू छात्र से जुड़ी कथित घटना को लेकर संगठन में आक्रोश था और उसी क्रम में कार्यकर्ताओं ने यह कदम उठाया। उनके बयान के बाद विवाद और गहरा गया है, क्योंकि कई लोग इसे कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश बता रहे हैं।

वायरल वीडियो में एक लाल रंग की कार भी साफ दिखाई दे रही है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर नजर आता है। नंबर के आधार पर की गई पड़ताल में पता चला कि वाहन पहले सोहेल खान नाम के व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत था। संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि कार उन्होंने हाल ही में देहरादून में बेच दी थी और आगे की ट्रांसफर प्रक्रिया खरीदार द्वारा पूरी की जानी थी। बाद में ललित शर्मा ने स्वीकार किया कि संबंधित कार उन्होंने खरीदी है और संगठन के कार्यकर्ता उसी वाहन से मौके पर पहुंचे थे।
फिलहाल पुलिस वाहन के स्वामित्व, वीडियो की प्रमाणिकता और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक दीवार पर लिखे कुछ शब्दों से शुरू हुआ यह मामला अब कानून, जिम्मेदारी और सामाजिक संतुलन की कसौटी बन गया है। जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष ही तय करेंगे कि इस विवाद की अगली तस्वीर क्या होगी।


