चारधाम यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस संबंध में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुलिस, परिवहन, पर्यटन और नगर निगम सहित संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

ऋषिकुल मैदान में बनेगा अस्थायी पंजीकरण केंद्र :-
हरिद्वार स्थित ऋषिकुल ग्राउंड में हर वर्ष की तरह इस बार भी चारधाम यात्रियों का पंजीकरण किया जाएगा। यहां जर्मन हैंगर टेंट लगाकर अस्थायी केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें 20 पंजीकरण काउंटर संचालित होंगे।
पंजीकरण सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक होगा। केंद्र में बिजली, पानी, पंखे, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल ने व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
हेल्प डेस्क और ट्रिप-ग्रीन कार्ड सुविधा:-
जिलाधिकारी ने सम्भागीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि ऋषिकुल मैदान में वाहनों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। यहां ट्रिप कार्ड और ग्रीन कार्ड बनाने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
भीड़ प्रबंधन और ठहराव की व्यवस्था:-
यात्रा के दौरान धामों पर भीड़ बढ़ने या वीकेंड के दौरान दबाव की स्थिति में यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशालाओं और आश्रमों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए। हरिद्वार के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के साइन बोर्ड भी आश्रमों, अखाड़ों, होटलों और प्रमुख मार्गों पर लगाए जाएंगे।
सफाई और स्वास्थ्य सुविधाएं:-
नगर निगम को पंजीकरण केंद्र और होल्डिंग एरिया में स्थायी व मोबाइल शौचालय की व्यवस्था करने और प्रतिदिन सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। समुचित संख्या में सफाई कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ऋषिकुल मैदान में स्वास्थ्य शिविर लगाने को कहा गया है।
परिवहन और सुरक्षा पर जोर:-
जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि होटल और रेस्टोरेंट में गैस सिलेंडर के स्थान पर पाइपलाइन से गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। बस स्टैंड से बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा को बेहतर प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा के साथ संचालित किया जाए।


